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Tuesday, November 6, 2012

Asma-ul-Husna

Whoever Allah wishes to guide, He opens his heart to Islam. Al-Qur'an, 6:125
99 Names of Allah
S/No.
 English Text
Arabic Text
 English Translation
1
 Allah
الله
 The Greatest Name
2
 Ar-Rahman
الرحمن
 The All-Compassionate
3
 Ar-Rahim
الرحيم
 The All-Merciful
4
 Al-Malik
الملك
 The Absolute Ruler
5
 Al-Quddus
القدوس
 The Pure One
6
 As-Salam
السلام
 The Source of Peace
7
 Al-Mu'min
المؤمن
 The Inspirer of Faith
8
 Al-Muhaymin
المهيمن
 The Guardian
9
 Al-Aziz
العزيز
 The Victorious
10
 Al-Jabbar 
الجبار
 The Compeller
11
 Al-Mutakabbir
المتكبر
 The Greatest
12
 Al-Khaliq
الخالق
 The Creator
13
 Al-Bari'
البارئ
 The Maker of Order
14
 Al-Musawwir
المصور
 The Shaper of Beauty
15
 Al-Ghaffar
الغفار
 The Forgiving
16
 Al-Qahhar
القهار
 The Subduer
17
 Al-Wahhab
الوهاب
 The Giver of All
18
 Ar-Razzaq
الرزاق
 The Sustainer
19
 Al-Fattah
الفتاح
 The Opener
20
 Al-`Alim
العليم
 The Knower of All
21
 Al-Qabid
القابض
 The Constrictor
22
 Al-Basit
الباسط
 The Reliever
23
 Al-Khafid
الخافض
 The Abaser
24
 Ar-Rafi
الرافع
 The Exalter
25
 Al-Mu'izz
المعز
 The Bestower of Honors
26
 Al-Mudhill
المذل
 The Humiliator
27
 As-Sami
السميع
 The Hearer of All
28
 Al-Basir
البصير
 The Seer of All
29
 Al-Hakam
الحكم
 The Judge
30
 Al-`Adl
العدل
 The Just
31
 Al-Latif
اللطيف
 The Subtle One
32
 Al-Khabir
الخبير
 The All-Aware
33
 Al-Halim
الحليم
 The Forbearing
34
 Al-Azim
العظيم
 The Magnificent
35
 Al-Ghafur
الغفور
 The Forgiver and Hider of Faults
36
 Ash-Shakur
الشكور
 The Rewarder of Thankfulness
37
 Al-Ali 
العلى
 The Highest
38
 Al-Kabir
الكبير
 The Greatest
39
 Al-Hafiz
الحفيظ
 The Preserver
40
 Al-Muqit
المقيت
 The Nourisher
41
 Al-Hasib
الحسيب
 The Accounter
42
 Al-Jalil
الجليل
 The Mighty
43
 Al-Karim
الكريم
 The Generous
44
 Ar-Raqib
الرقيب
 The Watchful One
45
 Al-Mujib
المجيب
 The Responder to Prayer
46
 Al-Wasi
الواسع
 The All-Comprehending
47
 Al-Hakim
الحكيم
 The Perfectly Wise
48
 Al-Wadud
الودود
 The Loving One
49
 Al-Majid
المجيد
 The Majestic One
50
 Al-Ba'ith 
الباعث
 The Resurrector
51
 Ash-Shahid
الشهيد
 The Witness
52
 Al-Haqq
الحق
 The Truth
53
 Al-Wakil
الوكيل
 The Trustee
54
 Al-Qawiyy
القوى
 The Possessor of All Strength
55
 Al-Matin
المتين
 The Forceful One
56
 Al-Waliyy 
الولى
 The Governor
57
 Al-Hamid
الحميد
 The Praised One
58
 Al-Muhsi
المحصى
 The Appraiser
59
 Al-Mubdi'
المبدئ
 The Originator
60
 Al-Mu'id
المعيد
 The Restorer
61
 Al-Muhyi
المحيى
 The Giver of Life
62
 Al-Mumit 
المميت
 The Taker of Life
63
 Al-Hayy
الحي
 The Ever Living One
64
 Al-Qayyum
القيوم
 The Self-Existing One
65
 Al-Wajid
الواجد
 The Finder
66
 Al-Majid 
الماجد
 The Glorious
67
 Al-Wahid
الواحد
 The One, the All Inclusive, The Indivisible
68
 As-Samad
الصمد
 The Satisfier of All Needs
69
 Al-Qadir
القادر
 The All Powerful
70
 Al-Muqtadir
المقتدر
 The Creator of All Power
71
 Al-Muqaddim
المقدم
 The Expediter
72
 Al-Mu'akhkhir
المؤخر
 The Delayer
73
 Al-Awwal
الأول
 The First
74
 Al-Akhir 
الأخر
 The Last
75
 Az-Zahir
الظاهر
 The Manifest One
76
 Al-Batin
الباطن
 The Hidden One
77
 Al-Wali
الوالي
 The Protecting Friend
78
 Al-Muta'ali
المتعالي
 The Supreme One
79
 Al-Barr
البر
 The Doer of Good
80
 At-Tawwab 
التواب
 The Guide to Repentance
81
 Al-Muntaqim
المنتقم
 The Avenger
82
 Al-'Afuww 
العفو
 The Forgiver
83
 Ar-Ra'uf
الرؤوف
 The Clement
84
 Malik-al-Mulk
مالك الملك
 The Owner of All
85
 Dhu-al-Jalal wa-al-Ikram
ذو الجلال و الإكرام
 The Lord of Majesty & Bounty
86
 Al-Muqsit
المقسط
 The Equitable One
87
 Al-Jami'
الجامع
 The Gatherer
88
 Al-Ghani
الغنى
 The Rich One
89
 Al-Mughni
المغنى
 The Enricher
90
 Al-Mani'
المانع
 The Preventer of Harm
91
 Ad-Darr
الضار
 The Creator of The Harmful
92
 An-Nafi'
 النافع
 The Creator of Good
93
 An-Nur
النور
 The Light
94
 Al-Hadi
الهادي
 The Guide
95
 Al-Badi
البديع
 The Originator
96
 Al-Baqi 
الباقي
 The Everlasting One
97
 Al-Warith
الوارث
 The Inheritor of All
98
 Ar-Rashid
الرشيد
 The Righteous Teacher
99
 As-Sabur
الصبور
 The Patient One
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Source : http://ajmalbeig.addr.com/islam/asma.htm

Friday, November 2, 2012

हर मामले में क़ुरआन की दुआएं मसला हल करती हैं

हर मामले में क़ुरआन की दुआएं मसला हल करती हैं .
देखें इस लिंक पर क़ुरआन  की दुआएं -
http://phaariz.files.wordpress.com/2010/08/remedies-from-the-holy-quran.pdf


Index
1. Introduction.........................................................................6
2. Fulfilment Of Religious Needs ..............................................7
3. Death In The State Of Iman .................................................8
4. Pardon From Allah I ...........................................................8
5. Shafa'ah (Intercession Of Rasulullah r) ................................9
6. Steadfastness Of The Heart ................................................10
7. Creating Noor In The Heart................................................10
8. Removing Suspicion And Doubt.........................................10
9. Piety In The Family.............................................................11
10. Protection From The Fire Of Hell .......................................11
11. Noor On The Face .............................................................12
12. Safety From Punishment In The Grave................................13
13. Awakening In The Night.....................................................13
14. To Simplify The Memorizing Of The Qur'an........................15
15. Maintaining Correct Beliefs ................................................15
16. Correcting One's Beliefs .....................................................15
18. Removing Of A Calamity....................................................16
19. Assured Acceptance Of Du’a..............................................16
20. Fulfilment Of Any Need .....................................................19
21. Improving The Memory......................................................19
22. Removing Fear And Grief ...................................................20
23. Acquiring A Son .................................................................20
24. Virtuous Children...............................................................20

And More...

Saturday, September 8, 2012

जादू, जिन्न-भूत-प्रेत, रिश्ता न होना, कारोबार की बंदिश, पति और प्रेमी की बेवफ़ाई, औलाद का न होना, पैसे की तंगी और हर समस्या का समाधान है ‘या ख़बीरू‘ Ya khabiru

कई बार हमारे सामने ऐसे हालात होते हैं जबकि हमें अपनी परेशानी का कोई हल दिखाई नहीं देता और कई बार ऐसा होता है कि परेशानी के हल एक से ज़्यादा दिखाई देते हैं। पहली हालत में हमें हल की तलाश होती है और दूसरी हालत में हमें यह जानने की ख्वाहिश होती है कि कौन सा रास्ता सबसे बेहतर है ?
जब हम परेशानी से घिरे होते हैं और कुछ तय नहीं कर पाते, तब हमारा दिल चाहता है कि काश कोई तरीक़ा ऐसा होता कि हम किसी से पूछ लेते कि हम क्या करें ?
तब हम अपने से ज़्यादा जानने वाले किसी बुज़ुर्ग या किसी काउंसलर के पास जाकर उसकी सलाह लेते हैं। यह अच्छा तरीक़ा है। कई बार ऐसा होता है कि उनकी सलाह लेकर काम करने के बावजूद नुक्सान उठाना पड़ता है।
नुक्सान से बचने के लिए या नुक्सान की भरपाई के लिए लोग ज्योतिष और तंत्र-मंत्र के जानकारों की सलाह लेते हैं जो कि लोगों का भला कम और अपना भला ज़्यादा करते हैं।
आदमी इधर उधर भागता है लेकिन प्रार्थना नहीं करता और उससे नहीं करता जिसने कि उसे पैदा किया है। जिसने इंसान को पैदा किया है, उसके ज़िम्मे है कि वह उसे मार्ग दिखाए।
ऐसी हालत में ‘इस्तख़ारा‘ से काम लिया जाता है। दुआ के मामले में ‘इस्तख़ारा‘ का अर्थ है अल्लाह से ख़ैर तलब करना। ‘इस्तख़ारा‘ एक दुआ है, जिसमें बंदा अपने रब से ख़ैर तलब करता है।
पैग़ंबर हज़रत मुहम्मद साहब सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इस्तख़ारे के लिए एक ख़ास दुआ सिखाई है। रूहानी दरवेश इस दुआ के ज़रिये काम लेते हैं। मुस्लिम दरवेशों का यह तरीक़ा रहा है कि वे दिन के शुरू में दो रकअत नमाज़ अदा करके ‘इस्तख़ारे की दुआ‘ करते हैं और इस तरह वे पूरे दिन ख़ैर के रास्ते पर चलते हैं।
यह दुआ लंबी है। कुछ लोग हैं जो इतनी लंबी दुआ याद नहीं कर सकते या उन्हें नमाज़ पढ़ना नहीं आता। उनके लिए रूहानी दरवेशों ने कुछ दुआएं और भी बताई हैं जिनके ज़रिये आदमी पता कर सकता है कि उसके लिए किस काम में भलाई है ?
अल्लाह का एक नाम ‘अल-ख़बीरू‘ है, जिसका अर्थ है ‘हर चीज़ की पूरी ख़बर रखने वाला‘। जब अल्लाह को इस नाम से पुकारा जाता है तो पुकारने के लिए शुरू में ‘अल‘ शब्द हटाकर ‘या‘ शब्द लगा दिया जाता है।
‘या ख़बीरू‘ - ऐ हर चीज़ की पूरी ख़बर रखने वाले
दुआ का तरीक़ा-अगर आपको किसी बिज़नेस में रूपया लगाना है या बेटे-बेटी का रिश्ता तय करना है या इसी तरह का कोई और काम करना है तो जब आप सोने के लिए जाएं तो नहा लें या मुसलमानों की तरह वुज़ू कर लें, जैसे कि नमाज़ से पहले वुज़ू की जाती है।
वुज़ू का तरीक़ा यह है- ( लिंक पर जाएँ )

अब एक साफ़ कपड़ा बिछाकर कुछ देर तक अपने पैदा करने वाले का शुक्रिया अदा करें कि उसने आपको अच्छी शक्ल सूरत और सोचने समझने के लिए अक्ल दी और ढेर सारी दूसरी नेमतें दीं। इसके बाद आप उसके सामने अपनी समस्या रखें और फिर उसके हल की दुआ मांगें। यह दुआ दिल से निकलनी चाहिए। हालत बिल्कुल ऐसी होनी चाहिए जैसे कि एक गोद का बच्चा भूख में अपनी मां को पुकारता है। यह दुआ जितनी देर तक करना चाहें, करें। आपको तुरंत शांति मिलेगी।
इसके बाद जितनी देर आपके लिए आसानी से संभव हो, उतनी देर बैठकर ‘या ख़बीरू‘ का जाप करें। आप हाथ में तस्बीह (माला) भी ले सकते हैं और बिना तस्बीह के भी यह जाप कर सकते हैं। इसके बाद आप बिना किसी से बोले हुए यही यही नाम जपते जपते सो जाएं और दिल में अपने काम का ध्यान भी रखें, जिसके लिए आप रब से दुआ कर रहे हैं।
पहले से लेकर सातवें दिन तक किसी भी दिन आपको एक ऐसा सपना दिखाई देगा जैसा कि आप आम तौर पर नहीं देखते। वह सपना पूरी तरह से साफ़ होगा और उसमें आपको पूरा हल दिखाया जाएगा। सपने का अर्थ अपनी तरफ़ से जानने की कोशिश करने के बजाय उसके बारे में उससे जानकारी लें जो कि सपनों के फल की जानकारी रखता हो और बदले में पैसे न लेता हो।
बहुत से लोगों को सपने कम नज़र आते हैं या उठकर भूल जाते हैं। उन्हें जागते हुए ही कोई आदमी अचानक मिलेगा और उन्हें उनकी समस्या का हल बताएगा और इस हल पर उनका दिल भी जम जाएगा।
हमने आज तक बहुत से मुस्लिम और ग़ैर-मुस्लिम भाई बहनों को इस नाम के साथ दुआ करने के लिए बताया है और हमेशा उन्हें उनकी समस्या का हल मिला है।
जो आदमी यह नाम रोज़ाना चलते फिरते पढ़ता रहता है। उसकी हालत यह हो जाती है कि वह अपने पास आने वालों के ख़याल तक जान लेता है। इस तरह वह अपने दोस्त और दुश्मनों के इरादों से भी वाक़िफ़ हो जाता है। इसके अलावा वह जिस बात को जानने की नीयत करता है, वह बात उसे पता होने के ज़रिये पैदा हो जाते हैं।
बहुत लोगों ने इस नाम के ज़रिये ज़मीन में गड़ा हुआ धन भी तलाश किया है और कुछ लोगों ने इस नाम के ज़रिये सट्टे का नंबर भी पता लगाया है।
ग़लत काम करना भी गुनाह है और उसके लिए रब से दुआ करना और भी बड़ा जुर्म है। हमेशा जायज़ मक़सद के लिए ही दुआ करनी चाहिए। नाजायज़ काम के लिए दुआ करने वालों को नुक्सान उठाना पड़ा है।
ख़ैर तलब करने का मतलब ही यही है कि जायज़ काम में आगे बढ़ने के लिए दुआ करना।
कुछ लोग ऐसे होते हैं कि वे अक्सर बीमार पड़ते रहते हैं या लंबे अर्से से बीमार पड़े हुए हैं। मेडिकल जांच में कोई बीमारी नहीं आती या दवाएं खाने के बाद भी उनकी बीमारी नहीं जाती या किसी औरत के बच्चा नहीं होता या कारोबार नहीं चलता। ऐसे में कोई ज्योतिष या तांत्रिक कह देता है कि आप पर जादू किया गया है। आपको उपाय करना होगा। आपसे उपाय करने के नाम पर वह आपसे मोटी रक़म वुसूल करता है और बदले में वह दस रूपये की हांडी में पांच रूपये के नींबू-मिर्च वग़ैरह डालकर आपको दे देता है कि इसे कीकर के पेड़ में लटका देना। आपका उतार कर दिया गया है।
अगर इस तरह के उपाय करके हार चुके हों तो भी आप इस पाक नाम से फ़ायदा उठा सकते हैं।
सपने में आपको दिखाया जाएगा कि आपकी समस्या के पीछे क्या कारण है और उसका क्या हल है ?
ध्यान रहे कि वही आप देखेंगे जो कि आप देखना चाहेंगे। अगर आप सिर्फ़ समस्या का कारण देखना चाहेंगे तो सिर्फ़ कारण देख पाएंगे और अगर समस्या का कारण और हल दोनों देखना चाहेंगे तो आप दोनों देख पाएंगे।
दरअसल यह अपने अवचेतन मन में उतरकर रूहानी दुनिया में प्रवेश करने की प्रक्रिया है। इसलिए सावधान रहें। आप जितना अधिक तैयार होंगे, उतना ही ज़्यादा ग्रहण कर पाएंगे।

कश्फ़ुल-क़ुबूर यानि क़ब्र वाले बुज़ुर्ग को रूहानी तौर पर देखना
अगर आप किसी ऐसे बुज़ुर्ग के प्रति श्रृद्धा रखते हैं जो कि गुज़र चुके हैं और आप उनसे मुलाक़ात करना चाहते हैं तो उसका तरीक़ा यह है कि आप उनकी क़ब्र पर जाकर रोज़ाना यह नाम इतना पढ़ें कि आप नाम में डूब जाएं। रोज़ाना 40 दिन तक ऐसा ही करें तो उन बुज़ुर्ग से आपकी रूहानी मुलाक़ात होगी और अगर आप इसके बाद भी रोज़ाना ऐसा ही करते रहें तो फिर आप किसी भी वक्त उन बुज़ुर्ग से रूहानी मुलाक़ात कर सकते हैं।
जब आप एक बुज़ुर्ग से रूहानी मुलाक़ात कर लेंगे तो फिर आप जिस मज़ार पर जाएंगे, उन्हीं बुज़ुर्ग से आपकी रूहानी मुलाक़ात हो जाएगी और आप उनका जलवा भी देख लेंगे।
रूहानी मुलाक़ात में बुज़ुर्गों को केवल सलाम करें, उनसे कुछ न मांगें। देने वाला सिर्फ़ एक रब है।
मिलो सबसे लेकिन मांगो एक से। वह एक ही हमारी झोली भरने के लिए काफ़ी है। सारे रूहानी दरवेशों ने यही बताया है।
अल्लाह के नामों के दूसरे और भी बहुत से फ़ायदे हैं, जिन्हें आप इस लिंक पर जाकर देख सकते हैं-